हमारे बारे में

परिचय

nml

सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में से एक है तथा धातुकर्म, खनिज एवं पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में भारत की अग्रणी अनुसंधान संस्था के रूप में प्रतिष्ठित है। अपनी उत्कृष्ट अनुसंधान उपलब्धियों, उच्च-गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक प्रकाशनों तथा बौद्धिक संपदा सृजन के माध्यम से संस्थान ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की है।

संस्थान की आधारशिला 21 नवम्बर, 1946 को माननीय श्री सी. राजगोपालाचारी द्वारा रखी गई थी। इसके पश्चात् 26 नवम्बर, 1950 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। स्थापना काल से ही यह प्रयोगशाला देश के औद्योगिक विकास, वैज्ञानिक प्रगति तथा तकनीकी आत्मनिर्भरता के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देती रही है।

सीएसआईआर-एनएमएल की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियाँ ‘मेक इन इंडिया’, ‘इनोवेट इन इंडिया’, आत्मनिर्भर भारत तथा सतत विकास लक्ष्यों जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप संचालित की जाती हैं। संस्थान उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य अनुसंधान संगठनों के साथ घनिष्ठ सहयोग स्थापित कर वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों में रूपांतरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

खनिज, धातु एवं पदार्थ अभियांत्रिकी के क्षेत्र में नवीन प्रौद्योगिकियों के विकास, उन्नत परीक्षण एवं विश्लेषण सुविधाओं तथा उद्योगोन्मुख अनुसंधान के माध्यम से सीएसआईआर-एनएमएल राष्ट्र निर्माण, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और सतत विकास को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मिशन

देश की आवश्यकताओं को पूरा करने वाली प्रौद्योगिकियों का विकास करना, उद्योगों को सतत समाधान उपलब्ध कराना तथा ज्ञान के प्रसार, कौशल विकास और उद्यमिता संवर्धन के माध्यम से समाज में मूल्यवर्धन करना

दृष्टि

खनिज, धातु एवं पदार्थ अभियांत्रिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप, वैश्विक मानकों पर आधारित तथा आत्मनिर्भर प्रौद्योगिकी एवं नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित होना।